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इस इंटरव्यू में, निधि शेखरन ने अपनी व्यक्तिगत कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने जीवन में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीके पर चर्चा की। वह अपने जुनून, उपलब्धियों के बारे में बात करती है, और कैसे परिवार और शुभचिंतकों ने उनका समर्थन किया । मल्टीकल्चरल डिसएबिलिटी एडवोकेसी एसोसिएशन (MDAA) में एक कर्मचारी होने के नाते, वह विकलांग लोगों के लिए समुदाय में उपलब्ध कुछ संसाधनों के बारे में और उनका लाभ कैसे उठाने की जानकारी साझा करती हैं।

About the storyteller

निधि शेखरन ने 2005 से मल्टीकल्चरल डिसेबिलिटी एडवोकेसी ऑर्गेनाइजेशन (MDAA) के लिए काम और वॉलिंटियर किया है, साथ ही साथ 7 अन्य वकालत संगठनों की सेवा भी की है। वह 2017 में NSW वालंटियर ऑफ द ईयर अवार्ड्स के लिए फाइनलिस्ट रही हैं। पिछले एक दशक से, वह सार्वजनिक बोलने वाले संगठन टोस्टमास्टर्स में भी शामिल रही हैं और वहां अपनी कहानी साझा करना जारी रखती हैं। निधि ने ब्लॉग लिखे हैं और उन्हें दो अखबारों के लेखों में चित्रित किया गया है।

Transcript Available

Shilpashree: नमस्कार और Speak My Language परियोजना में आपका स्वागत है। जहां सांस्कृतिक विभिन्नता से जुड़े लोग अक्षमता सहित सुखी जीवन बिताने के बारे में बात करेंगे। मेरा नाम है, शिल्पा श्री नागराज राव और मैं Ethnic Community Councils New South Wales के लिए काम करती हूँ। हमारे साक्षात्कारों में हम विविध सांस्कृतिक विभिन्नता के अक्षम लोगों से उनके हुनर और समुदाय की उपलब्धियों के माध्यम से कैसे खुशहाल जिंदगी बिता सकते हैं, इसके बारे में बात करेंगे। साथ ही, उनकी सच्ची कहानियां उनके विचारधाराओं के बारे में जान सकते हैं। हम ऐसे लोगों से भी बातें करेंगे जो हमें गतिविधियां, अवसर और समुदाय में उपलब्ध संसाधनों के बारे में और अधिक जानकारी देंगे। नमस्कार और Speak My Language परियोजना में आप सब का बहुत बहुत स्वागत है। दोस्तों, जिंदगी में हम जब भी किसी को देखते हैं तो देखते ही देखते उनके बारे में एक सोच बना लेते हैं कि यह इंसान यही कर सकता है। इससे यह नहीं हो सकता तो ऐसी ही कुछ टकसालियों का कुछ Stereotypes को चुनौती दे कर, उनका मुँह तोड़ जवाब दे कर, बेहतर जीवन बिता रही है आज की हमारी एक खास मेहमान, तो आइए हम मिलते हैं मिस निधि शेखरन से, मिस निधि शेखकरन आपका हमारे कार्यक्रम में बहुत बहुत स्वागत है और हम आपको बहुत धन्यवाद कहना चाहते हैं कि आप हमारे इस कार्यक्रम के लिए अपना कीमती वक्त निकालकर आई हैं तो नमस्कार निधि
Nidhi: नमस्कार, शिल्पा जी
Shilpashree: जी निधि क्या आप अपना परिचय, आप क्या करते हो आपका काम क्या है, उसके बारे में कुछ परिचय हमारे सुनने वालों को दे सकते हैं?
Nidhi: हाँ जी, मुझे जन्म से अक्षमता है मैं एक NGO MDAA में काम करती करती हूँ। पहले मैं MDAA में स्वयं सेवक बन के काम करती थी, लेकिन अब मुझे इससे इस काम के लिए वेतन मिलता है। Accessible consultant हूँ और अक्षम लोगों के लिए advocacy advocacy भी करती हूँ। और मैं छह सात संस्थाओं से जुड़ी हूँ
Shilpashree: बहुत ही बढ़िया तो निधि जी, जैसा कि कार्यक्रम के पहले मैंने कहा था कि लोग अक्सर कुछ चीजों में अपना ही एक सोच बना लेते हैं तो आपने भी अपनी जिंदगी में ऐसी कई सारी सोचों को कई सारे टकसालियों का सामना किया है तो आपने उन सबका मुकाबला कैसे किया उन सबको कैसे आपने निभाया?
Nidhi: अक्सर हम भारतीय समुदाय में अक्सर किसी को, किसी को अगर अक्षमता वाली संतान होती है तो लोग उनसे कहने लगते हैं कि अब तुम्हारी बेटी या बेटा अब कुछ नहीं कर सकता या सकती है। मेरे मां बाप मां बाप को भी ऐसे ही कहा गया। उनसे लोग बोलते थे कि मैं भी कभी चल नहीं पाऊँगी पढ़ लिख नहीं पाऊंगी और काम भी नहीं कर पाऊंगी। काम करना तो बहुत दूर की बात, लेकिन मेरे घर में ऐसा नहीं हुआ। मेरे मां बाप ने मुझे मेरे भाई बहनों से अलग नहीं समझा। मुझे भी उतनी ही स्वतंत्रता स्वतंत्र स्वतंत्रता दी और उनसे और उतना ही प्यार और सम्मान दिया और अवसर मिला जितना मेरे भाई बहनों को मिला और हमेशा मेरे घरवाले मेरे साथ साथ रहते थे और उन्होंने मेरे साथ वक्त निभाया साथ दिया और इसलिए मैं कुछ नया करने से डरती नहीं हूँ अभी। और ना शब्द को हां में बदलने की हमेशा आस थी और कभी मेरे शब्दकोश में ना शब्द उपलब्ध नहीं है Diploma किया है। 10 साल तक मैंने स्वयं सेवा की और अच्छी खासी नौकरी भी है। विकलांग सेवा विभाग में भी काम करती हूँ। छह सात अलग अलग संस्थाओं से जुड़ी हूँ 2000 में New South Wales Volunteer of the year अवार्ड के लिए भी चुनी गई थी
Shilpashree: तो निधि, आपने अभी अभी जो कहा कि आपने Diploma पढ़ाई की है आप छह सात संस्थाओं के साथ काम करती हैं तो अगर आप अपने आपको बहुत व्यस्त रख रही हैं बहुत बहुत काम कर रही हैं, बहुत कुछ आपने जिंदगी में हासिल किया है तो ज़ाहिर सी बात है कि लोगों में यह उत्सुकता जरूर जागती है कि निधि के पास ऐसा क्या है? वो क्या चीज है जो निधि को हमेशा कुछ और करने में, कुछ नया करने के लिए उकसाती है तो क्या है वो secret ingredient या फिर कोई जादुई शक्ति जो निधि को हमेशा यह सब करने के लिए प्रेरित करता है?
Nidhi: जीवन में उतार चढ़ाव तो आते ही रहते हैं। जब भी मैं, कोई भी मुझसे यह कहता है कि मुझसे यह नहीं हो सकता या तू नहीं कर सकती तो मेरी आस बढ़ती है यह टकसाली को बदलना चाहिए। लोगों को दिखाना चाहिए कि मैं कम नहीं हूँ। मैं लचीलापन और दृढ निश्चय से आगे बढ़ती हूँ। मेरे मां बाप जो teachers हैं उन्होंने भी मेरे को यह शिक्षा दी है, मेरे परिवार वालों ने भी हमेशा, दूसरे परिवार वालों ने मुझे प्रोत्साहित भी किया है तो यह चीजों से मेरी जिंदगी आगे बढ़ती है
Shilpashree: यह बहुत ही बढ़िया बात कहा आपने कि ज़िंदगी में चाहे कुछ भी आ जाए हमें दृढ़निश्चय नहीं तोड़नी चाहिए। पर निधि ऐकतरफ तो आप इतनी सारी काम करती हैं इन सारी चुनौतियों को हर दिन आप उनको face करती रहती हैं उनको निभाती रहती हैं, तो क्या निधि को कभी free time मिलता है? कुछ अपना ही अलग सा hobby या फिर अपनी मनपसंद चीज करने के लिए और अगर है तो आपको क्या पसंद है क्या हैं आपकी hobbies?
Nidhi: मैं घूमना पसंद करती हूँ। काफी सारा दुनिया देखी है मैंने। ऑस्ट्रेलिया से बाहर भी गई हूँ घूमने और हम mountain hiking वगैरह गए हैं Blue mountains परिवार वालों के साथ परिवार के साथ और मेरे दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करती हूँ और मुझे Bollywood गाने सुनने का बहुत शौक है और गाती भी हूँ अच्छा और मुझे नई भाषाएं सीखने का भी बहुत शौक है। अच्छा लगता है।
Shilpashree: जी आपकी आवाज़ तो बहुत ही मीठी है तुम मुझे पूरा यक़ीन है कि आप बहुत ही अच्छा गाती हैं। निधि जी, कार्यक्रम के पहले जब आप अपना परिचय दे रही थीं तो आपने कहा कि आप advocacy करती हो People with disability लोगों के लिए तो उस role को निभाते हुए जाहिर है कि आपने कई लोगों को देखा है, कई लोगों से मिली है, आपको पता है कि लोग ऑस्ट्रेलिया में आजकल किस दौर से गुजर रहे हैं उनको कौन सी चीज की जरूरत है या फिर कौन सी चीज के लिए demand है तो उस हिसाब से क्या आप बता सकते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में लोगों को कौन कौन सी resources या फिर कौन कौन सी facility सुविधाएं उपलब्ध या मौजूद हैं और इसी को अगर वो चाहिए तो उनको कौन सा रास्ता अपनाना पड़ेगा कैसे वो उन resources को पा सकते हैं?
Nidhi: देखो ऑस्ट्रेलिया में अब बहुत सारी गैर सरकारी संगठन हैं जो NGO हैं, उनके लिए में काम भी करती हूँ, उनका नाम MDAA है Multicultural Disability Advocacy Association उनको contact करके आपको कोई भी जानकारी हो या मदद से सरकारी सेवाओं की जानकारी हो उनसे मिल सकती है। उनका नंबर 1800 629 072 है वो वकालत की सेवा भी provide करते हैं। अगर आपको disability support pension के लिए apply करना हो वो भी कर सकते हो आप और यह बात मैं कहना चाहूंगी कि आपको 10 साल ऑस्ट्रेलिया में रहना पड़ेगा और उसके बाद ही आपको disability support 10 साल के बाद मिलेगी। उसके बाद ही आप apply कर सकते हैं disability support pension के लिए उसके पहले आपको नहीं मिलेगी और NDIS की सरकारी सेवा के लिए भी आप यह संगठन के पास जा सकते हो जानकारी के लिए NDIS जैसी सरकारी सेवा उपलब्ध है जहां पे आप कहीं, कुछ plumbing की सहायता चाहते हो या बच्चों को संभालने के लिए अगर कोई चाहिए तो उसकी व्यवस्था भी कर देता है NDIS आपके लिए। Disability emplyoment services और बहुत सारे कार्यस्थल भी हैं जहां पर आप काम कर सकते हो। काम के लिए apply कर सकते हो पढ़ लिखने के लिए विश्वविद्यालय हैं और TAFE जैसे संस्थाओं में भी बहुत अवसर सुविधाएं हैं। सो मैं यह बोलना चाहूंगी कि NGO हैं जो जिनके साथ आप जुड़ सकते हैं उनसे आपको बहुत सारी जानकारी मिलेगी, मार्गदर्शन मिलेगा और आप आगे क्या क्या कर सकते हो, और कैसे करना है उसके लिए भी जानकारी पा सकते हो।
Shilpashree: तो निधि, बातें करते-करते हम अपनी कार्यक्रम की आखिरी चरण तक पहुंच गए हैं मतलब इस बातचीत के दौरान मुझे personally बहुत कुछ सीखने को मिला। जैसे कि क्या क्या resources मौजूद है ऑस्ट्रेलिया में, जैसे आपने कहा MDAA है और disability pension support के लिए क्या क्या चाहिए और सबसे बड़ी बात यह कि जिंदगी में कुछ भी चुनौतियां आएँ, आप उनको ना मत कहिए। आगे बढ़ते रहिए। तो यह बहुत सी अच्छी चीज़ें बहुत सी अच्छी अच्छी जानकारियां मैंने आज आपसे पाई हैं। तो जाने से पहले एक आखरी सवाल मैं आपसे कहना चाहती हूँ इस कार्यक्रम के माध्यम से आप हमारे सारे सुनने वालों को ऐसी कौन सी चीज़, ऐसी कौन सी संदेश आप सुनाना चाहती हैं इस platform के द्वारा आप दे सकती हैं?
Nidhi: हमारे सुनने वालों को मैं एक संदेश छोड़ कर जाऊंगी। वो है कि हिम्मत नहीं हारिएगा। सरकार और समुदाय ने बहुत सारी संसाधन लोगों के लिए, मदद मिल सकती है, मदद कर सकते हैं वो दृढ़ निश्चय से आगे बढ़िएगा और उनके साथ, उनसे मिलने के बाद अधिकारों को जान के, जीवन को बेहतर कर सकते हो, बना सकते हो, जैसे कहते हैं ना Where there is a will there is a way, इस मनोबल से काम करते हुए खुद पर विश्वास करना नहीं भूलो। इस मनोबल को अपने मन में आगे चलते रहो और यह मैं बोलना चाहूंगी कि मैं मेरे सारे परिवार वालों और teachers और support people को धन्यवाद करना चाहूंगी क्योंकि उनके बिना मैं जहां पर पहुँची हूँ उनके दृढ़ निश्चय जो उन्होंने मेरे को दिया है। पला बढ़ा करके वो मेरे को नहीं मिलता था अगर मैं ऐसे परिवार वालों के साथ नहीं होती तो धन्यवाद उनको और Also to all support services
Shilpashree: Thank you, thank you so much निधि जी आपको फिर से हम बहुत बहुत धन्यवाद कहना चाहते हैं Thank you अगर आपको हमारी यह अभिलेख पसंद आया हो तो कृपया आप हमें हमारी website www.speakmylanguage.com.au पर जाइए जहां पे आपको इसके बारे में और अधिक जानकारियां मिलेंगी। साथ ही, अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी Speak My Language के बारे में जरूर बताइएगा। आप हमें Facebook, Twitter, LinkedIn और Instagram में भी पा सकते हैं। इस बातचीत को ना केवल ऑस्ट्रेलिया में बल्कि पूरी दुनिया में बरकरार रखने में हमारी मदद कीजिए। Speak My Language परियोजना को घर से New South Wales में प्रस्तुत कर रहे हैं, Ethnic Community Council New South Wales Speak My Language परियोजना को Department Of Social Services से निधिकरण मिल रहा है और इसे पूरे ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुत करने में हमारे साथ भागीदार बने हैं सारे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय Ethnic and multicultural community councils और Multicultural councils. हमारे राष्ट्रीय प्रसारण भागीदार हैं SBS और NEMBC।

Interview by
Shilpashree Nagaraja Rao

शिल्पाश्री भारत से आई एक प्रशिक्षित और अनुभवी रेडियो प्रस्तुतकर्ता हैं। ऑस्ट्रेलिया आने से पहले, वे बैंगलोर में आकाशवाणी के लिए स्थानीय भाषा के रेडियो कार्यक्रमों की मेजबानी करती थीं। ... Go to page where you can read more about Shilpashree Nagaraja Rao