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अनुष्का अपने शौक को आगे बढ़ाकर जिंदगी को अच्छी तरह से जी रही हैं और अपने अध्ययन लक्ष्यों को हासिल कर चुकी हैं। वह अब अपने विश्वविद्यालय से एक स्नातक शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार प्राप्त किया है अनुष्का अपनी यात्रा और अपने दोस्तों, आकाओं और परिवार से प्रत्येक चरण में प्राप्त समर्थन को साझा करेंगी ताकि वह अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें।

About the storyteller

अनुष्का विजन ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट सर्विसेज डिपार्टमेंट में काम कर रही हैं और अपनी विकलांगता के साथ अच्छी तरह से रह रही हैं। वह अपने शौक का पीछा करती है जैसे किताबें पढ़ना, मॉडलिंग करना और अपने समुदाय के भीतर दूसरों को जीवन को पूरी तरह से जीने में मदद करना।

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Malavika: नमस्ते Speak My Language program में आपका स्वागत है। यहां विविध सांस्कृतिक समुदाय के लोग विकलांग के साथ अच्छी तरह से कैसे रहते हैं। इसके बारे में बताते हैं मेरा नाम मालविका परवरकर है और मैं Ethnic Communities Council Victoria के लिए काम करती हूं। हमारे साक्षात्कारों में हम सांस्कृतिक रूप से विविध समुदाय के विकलांग लोगों से सीखते हैं कि व्यक्तिगत कौशल और सामुदायिक resources का उपयोग कैसे अच्छी तरह से जीने के लिए करते हैं, चाहे वे कहीं भी हो। हम विकलांग लोगों और इतर लोगों से वास्तविक कहानियां सुझाव और विचार साझा करते हैं, जो हमें सुलभ स्थानों गतिविधियों और अवसरों के बारे में बता सकते हैं। आज हमारी अतिथि अनुष्का है। अनुष्का आपका हार्दिक स्वागत है और यहां आने के लिए धन्यवाद।
Anushka: Thank you so much मालवीका।
Malavika: अनुष्का ने अपने शौक का पीछा करके अपने अध्ययन लक्ष्यों को प्राप्त करके और शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार प्राप्त करते हुए अपने जीवन को खुश और सफलता पूर्वक किस तरह से बनाया यह कहानी हमें बताएँगी आज। आज वह हमें इसी के बारे में उनकी journey बताएंगी। उन्होंने कम उम्र में ही अपना घर भी खरीद लिया है। वह अपनी यात्रा बतायेंगी और उन्हें कैसे हर मोड़ पे अपने दोस्तों ने मेंटर्स और परिवार से कैसे समर्थन मिला ताकि वह अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सके। ये कहानी आज वह हमारे साथ साझा करेंगी तो interview आगे बढ़ाते हुए मैं आपको पहला सवाल पूछना चाहूंगी अनुष्का! आज हमारे पास अनुष्का हैं जिन्होंने अपनी कहानी के बारे में हमें बताएंगे कि वह अपनी विकलांगता के साथ अच्छी तरह से कैसे रह रही है और Australia में अपनी पूरी क्षमता प्राप्त कर रही है। क्या आप हमें अपनी सफल कहानी के बारे में थोड़ा और अधिक बता सकती है?
Anushka: Definitely, तो मैं अपने parents के साथ Australia आई थी। मैं काफी छोटी थी। मैं छह या सात साल की थी। जब Australia आए थी तो पहले पहले जब मैं आई of course मुझे काफी दिक्कत हुई। वो मेरा प्राइमरी स्कूल का काफी struggling years थे but जैसे time निकलता गया। Awareness थी education थी community में मेरे जो teachers है मेरे जो स्कूल friends हैं तो process काफी easy होता गया। But of course जैसा आप एक नए environment में आते हैं आपको दिक्कत आती है but लोगों ने मुझे काफी support किया। वो मेरे teachers ने मुझे काफी support किया। मुझे, मेरे सारे जो needs हैं उनको support किया। Make sure किया कि मैं अपने exam अच्छे से दूँ और मैं अपने सारे goals achieve कर सकूँ।
Malavika: बहुत बढ़िया। और मैंने सुना है कि आपने अन्य पाठ्यक्रमों का अध्ययन किया है। क्या आप हमें बता सकती हैं कि वे पाठ्यक्रम या education degrees या जो पढ़ाई आपने की है तो exact क्या, किसमें आपने किया है masters या graduation?
Anushka: जी, तो मैंने social services में अपनी पढ़ाई करी है और Business Management में अपनी पढ़ाई करी है
Malavika: Wow! That is exciting, and interesting too, बहुत बढ़िया और ये संस्थानों ने आपके सीखने का समर्थन कैसे किया या उन्होंने आपके सीखने का समर्थन करने के लिए अपनी सेवाओं को कैसे समायोजित या tweak किया?
Anushka: तो जैसे कि मैंने अपनी journey बताई मेरे स्कूल के time मुझे काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा था। काफी मुझे अपने आप के लिए advocate करना पड़ा था क्योंकि वो एक नया environment था लोगों को नहीं पता था। यह मेरे स्कूल की बात कर रही हूँ मैं। क्योंकि मैं पहली बच्ची थी जिसको low vision था तो same मेरी यूनिवर्सिटी में भी यही था कि मैं पहली थी। जिसको low vision था उनको नहीं पता था कि कैसे accommodate करना है। कैसे needs को cater करना है but वो awareness जब मैंने रखी educate किया अपने teachers को कि मुझे maybe note takers चाहिए या आप मुझे please presentation पहले भेजना शुरू करें। क्लास से पहले कि मैं उसको पढ़ सकूँ समझ सकूं कि जब वो क्लास में जब वो आप पढ़ते हैं। तो at least मैं process कर सकूं कि अपने exams में अपने assessment में पीछे ना छूटूँ क्योंकि मेरे को time लगता था process करने में क्योंकि जब मैं क्लास में सुनती थी and जब मैं घर आ कर दोबारा assignment करती थी, तो मुझे समझ नहीं आता था।, but उन्होंने मेरे हिसाब से tweak किया और मुझे presentation पहले भेजना शुरू किया। उन्होने note takers रखा। उन्होंने मुझे extra time देना शुरू किया exams में। तो definitely पहले मुश्किल थी पर जैसे ही awareness और education दी। काफी accommodating थे मेरे यूनिवर्सिटी और both मेरा स्कूल भी
Malavika: तो आपने जो आपने जवाब दिया उसमें एक चीज़ बहुत important आपने बताई कि आपने awareness और advocacy की तो आपने ये ज़रूर बताया कि ये मेरे needs हैं। और यह मुझे problem है क्योंकि काफी time वो बताना थोड़ा मुश्किल होता है। But अगर आप पहले ही बताते हो तो आपको उस हिसाब से सब resources support सब यूनिवर्सिटी arrange करके देती है। ताकि accessible हो सके। Right?
Anushka: जो मैं मेरा personal approach हमेशा रहा है कि पहले course शुरू होने से पहले एक मीटिंग रखो। आप बताओ कि आप disclose करो कि आपको vision loss है। आपको speak software चाहिए होगा आप एक लेपटोप organise कर सकते हैं जहां पर मैं अपने presentations को सुन सकूँ मुझे एक note taker चाहिए होगा timing मतलब of course तभी भी दिक्कत आएगी क्योंकि उनके लिए adjust होना accommodate करना थोड़ा मुश्किल होगा। but definitely second semester तक आप पूरे setup होंगे।
Malavika: Wow that’s good, आपने बहुत अच्छी तरह से समझाया इसके बारे में और यह मूल्यांकन या assessment और परीक्षा के स्थानों के दौरान क्या समायोजन किया गया था कि आप you know समर्थित महसूस करो supported feel करो।, for exams या जहां पर आप assessment करने जाते हैं, वहां पे
Anushka: हाँ, मुझे note takers दिए जाते थे। मुझे large print format में question paper दिए जाते थे मुझे extra time दिया जाता था अपने exams complete करने के लिए। अगर मुझे कोई भी question जैसे मुझे पढ़ने में दिक्कत आ रही है तो वहां पे कोई होता था, जो question read करता था क्योंकि कभी कभार जब आप exam में होते हो तो nervous होते हैं तो like you know कि एक black off हो जाता तो of course जब एक vision या low vision भी होती है तो आप थोड़ा और nervous feel करते हो कि नहीं मुझे बहुत time लग रहा है question read करने में तो definitely वो support हमेशा थी extra time मतलब मुझे unlimited extra time नहीं दिया जाता था but Just example उनको पता था कि मुझे कितना time लगता है। एक question को पढ़ने के लिए तो around 30-40 minutes extra दिए जाते था।
Malavika: Oh wow, that’s good और इस से काफी stress free आप होते होंगे और आप concentrate भी कर पाएंगे exam पे,
Anushka: हां जी definitely।
Malavika: और आपका अनुभव कैसा रहा? आपके दोस्तों ने या आपकी इस सीखने की यात्रा के दौरान आपका समर्थन कैसे किया। teachers, friends, colleagues
Anushka: Friends की बात करें तो friends मेरे बहुत supportive रहे हैं जैसे स्कूल के time पे जब मेरे पास note takers नहीं होते थे, मेरे friends मेरे साथ होते थे। वो make sure करते थे कि वो सब कुछ मुझे read करके बताया जो भी बोर्ड पर है या कोई presentations है या कोई भी documents चल रही है। वो हमेशा उन्होने make sure किया है उन्होने बहुत support किया है। मेरे colleagues of course मेरी जो मैनेजर है जो मेरी पहली मैनेजर रही है। उन्होंने मुझे बहुत support किया है और आज definitely professional life में जहां भी हूं, उनकी वजह से हूँ and मेरी family definitely without any doubt उन्होंने हमेशा मुझे support किया उन्होने कभी मुझे feel नहीं होने दिया कि मुझे कोई disability है तो definitely उन्होंने मुझे हमेशा support किया है
Malavika: तो आपके सहायक दोस्तों या आपके family members, mentors आपको व्यक्तिगत और आपके professional life में आपकी मदद की है हर stage पे और आपको support किया है तो ये मतलब आप कौन से support को आप ज़्यादा महत्व देते हो या you feel that makes you feel more supported. ऐसे तो सब support करते हैं, पर कोई ऐसी खास यह है कि आपको ऐसा लगता है कि यह होना चाहिए you know कि वो positivity होनी चाहिए।
Anushka: मैं बोलुंगी अगर आपकी family अगर मैं family की बात करूं जैसे मेरे नानाजी मेरे role model हैं। उन्होंने मुझे हमेशा support किया है। उन्होंने हमेशा मुझे समझाया है। सिखाया है कि आप को बहुत दुनिया में लोग help करते हैं और आपको make sure करना है कि आप वह चीज़ वापिस community में दो क्योंकि जैसा आपने यह सवाल पूछा कि support मुझे बहुत लोगों ने दिया और एक positive support रही है कभी negatively नहीं दिया कि नहीं बस ठीक है कि you know help करने की वजह से बस करना है। उनमें से जब आपके आसपास के लोग होते हैं उनको कभी feel ही नहीं होने देते कि आपको कोई problem है तो I guess आप अपने सारे hurdles को overcome कर जाते हैं। और जो भी बात करी teachers की या मेरे managers की या मेरे colleagues की तो थोड़ा time लगता है adjust होने में but हमेशा एक positive support रहा है कि हां मैं कर सकती हूं and मेरे अंदर capability है beyond वो low vision के और भी एक इंसान में capabilities होती हैं जो मेरी family, colleagues, manager जो मेरे सबने देखा है
Malavika: जो भी आजू बाजू में services हैं, वह ऐसी accessible होनी चाहिए कि it is like normal और अपने graduate employment program के लिए आवेदन कैसे किया था और मुझे लगता है कि आपने इसे first attempt में ही crack किया है और आपको placement भी मिला था। क्या इसके बारे में थोड़ा बता सकते हैं?
Anushka: हां जी तो graduation program के लिए मैंने apply किया था जैसे मेरी यूनिवर्सिटी की पढ़ाई खत्म हुई थी। And definitely मतलब ये काफी बड़ी opportunity थी। मेरे लिए क्योंकि मैंने पिछले साल graduation program खत्म किया था तो of course graduation program ने मुझे एक platform दिया अपना career launch करने में, अपने जितने भी skills उसको acquire करने के लिए देखने के के जैसे example मैं एक screen reader नहीं use करती थी इस graduation program से पहले और जैसे मैं workforce में आए मुझे लगा कि नहीं मुझे magnification के साथ शायद एक screen reader भी use करना चाहिए जो मेरे लिए काफी helpful होगा तो definitely graduation program ने मुझे वो first step दिया कि मैं अपने goals को achieve कर सकूं।
Malavika: Very nice और खुश महसूस करने के लिए अच्छी तरह से जीने के लिए आपकी मदद करने के लिए आपने किन सेवाओं का और शौक का पीछा किया है
Anushka: तो मेरे जो hobbies रहे हैं वो हमेशा से मुझे किताबें पढ़ना बहुत पसंद है। मुझे लोगों की help करना बहुत पसंद है कि मैं community को वापस देना चाहती हूं और यह मेरी एक hobby है। hobby सिर्फ हमेशा अपने लिए hobby का मतलब होता है कि अपने आप को खुश करना और अपने आपको pleasant feel कराना तो ये मेरी hobbies हैं और of course मैं हमेशा professional growth देखती हूं उसको improve करने के लिए काफी सारे courses attend करती हूँ तो हाँ जी ये मेरी hobbies हैं
Malavika: तो आप काफी proactive हैं। उस बारे में वह बहुत अच्छी बात है।
Anushka: हाँ जी।
Malavika: आपने employment कैसे हासिल किया कौन सी agency या कैसे you got your job?
Anushka: तो जैसा कि मैंने बताया कि मुझे graduation program के through अपनी पहली job मिली थी तो graduation program ख़तम होते ही मैं जिस position में graduation program में थी client services में मेरे को वही role मिल गया क्योंकि मैंने successfully अपना graduation program खत्म किया था और मैं graduation program की success story भी थी। मेरे पे article भी लिखा गया था As success story and of course, मेरे employment services जिस टीम के साथ मैं tied up हूँ उन्होंने मुझे काफी support किया, workplace assessment किया गया देखा गया कि मुझे किस offer की ज़रूरत है, मुझे कहां पर अपने जो मेरे skills हैं, मुझे कहां पर upgrade करना है, क्या improve करना है mock interviews हो या किसी भी तरीके के interviews हों उन्होने मुझे काफी help करी
Malavika: तो आपको ये agency के बारे में ये जो सेवाएं आपने, रोज़गार agency जो आपने approach की उसके बारे में आपको कैसे पता चला और उन्होंने services कैसे आपके लिए tweak किए? या आपकी आवश्यकताओं को कैसे उन्होंने समायोजित किया?
Anushka: तो ये मुझे services के बारे में अपने यूनिवर्सिटी के through पता चला था तो graduation program के दौरान क्योंकि वो मेरे पहली job थी तो उन्होंने मेरे workplace assessments सामने रखे देखा, कि example मुझे lighting से थोड़ी दिक्कत है। मुझे थोड़े headache होते हैं तो make sure किया कि और मेरे टेस्ट किए कि मेरी lighting इतनी ज़्यादा bright न हो। मेरी magnification देखी कि फिर जैसे मुझे उस दौरान पता चला कि शायद एक screen reader मेरे लिए काफी अच्छा हो सकता है कि जो मेरी आँखों को कम strain करेगा तो employment team ने मुझे काफी support किया। जैसे मैंने बताया, mock interviews करना और इसी reason से अपना graduation program secure कर पाई थी
Malavika: और very nice और आप भी काफी proactive रहे हैं या आप इस समय आज कैसे महसूस कर रहे और आपका भविष्य में लक्ष्य क्या है? Any goals that you have in mind? Near future में?
Anushka: Definitely. अगर मेरी अभी की बात की जाए या हमेशा से बात की जाए, मैं काफी positive हूं। मैं हमेशा अपनी low vision को हमेशा as a crown पहनती हूं। मैं कभी भी ashamed नहीं होती हूँ इस चीज़ को disclose करने में क्योंकि वो एक मेरा part है। लोग क्या सोचेंगे नहीं सबके पास problem होती है। ये problem शायद दिख जाती है सामने तो मैं हमेशा हर चीज़ को positively as a crown मैं अपनी low vision को पहनती हूं। And जो मेरे goals हैं मेरा एक गोल है कि मैं अपने नाना जी के बारे में किताब लिखना चाहती हूं क्योंकि आज मैं जहां पर भी हूँ मैं इधर यह interview भी जो दे रही हूं। जिस confidence से या आज मैंने अपना जो घर खरीदा है। अब 24 साल की उम्र में वो सिर्फ और सिर्फ मेरे नानू, नाना जी को श्रेय जाता है क्योंकि उन्होंने मुझे हमेशा सिखाया कि आप पहले लोगों को देना सीखो rather than हमेशा आप सोचते कि आपको क्या community से क्या लेना है? अगर आपके पास एक सच्चा दिल होगा और एक अच्छी इमानदार सोच होगी तो आप जिंदगी में कुछ भी achieve कर सकते हैं तो आप कभी भी अपनी disability को अपने way में मत आने दो आप उस चीज़ को accept करो कि आप कौन हो, फिर अपने goals रखो, but definitely आप जिंदगी में हर चीज achieve कर सकते हैं तो मेरे लिए मेरा ये goal है कि मैं अपने नाना जी के बारे में किताब लिखना चाहती हूं। and जितना हो सके मैं पूरी दुनिया में इस किताब को बांटना चाहती हूं और दिखाना चाहती हूं लोगों को क्योंकि हमारी generation में हम कभी कभार भूल जाते हैं कि हमारे जो grandparents है वो हमारे roots हैं तो वो connection होना बहुत ज़रूरी है। अपने नाना जी नानी जी के साथ।
Malavika: Very nice और ये बहुत ही important चीज़ आपने बताई है। आप जितना grounded रहोगे roots से जितना close रहोगे आपको उतनी ही शक्ति मिलती है आगे जाने की और बहुत बढ़िया। वैसे ही Australia में Speak My Language के बहुत श्रोता हैं तो आप Australia में विकलांगता के साथ अच्छी तरह से रहने के लिए और हमारे दर्शकों को अपने शौक को बढ़ावा देने के लिए और लक्ष्यों को अर्जन करने के लिए या navigate करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगी?
Anushka: आप अपनी disability को accept करें और क्योंकि सबसे पहले आपको इस चीज़ को accept करना है। उस चीज़ का जब तक आप accept नहीं करेंगे, आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे और अगर आपको किसी भी help की ज़रूरत है, आपकी family से पूछे। आप अपने जो भी supporting service या उनसे पूछिए क्योंकि services अगर जब तक आप avail नहीं करेंगे तब तक आपको hurdles आएंगी जैसे कि मैं software use करती हूँ अपने काम को fulfill करने में तो of course मैं काम वही कर रही हूं, जो excited इनसान कर रहा है। बस मुझे थोड़ी technology की ज़रूरत पड़ रही है तो जब तक आप accept नहीं करेंगे, help नहीं मांगेंगे, and अपने problem को disclose करने में आपको जब तक दिक्कत आएगी तब तक थोड़ी problem होगी।, but हाँ अगर आप चीजों को accept करते हैं और services avail करते हैं।, and अपने goals को achieve करने की पूरी हिम्मत रखते हैं। आप पूरा 100% देना चाहते हैं,I I don’t think so आप को कोई चीज़ रोक सकती है।
Malavika: बहुत बढ़िया कहा, आपने और बहुत important message दिया है। धन्यवाद। अनुष्का यहाँ आने के लिए और अपनी कहानी साझा करने के लिए, हमारे दैनिक जीवन में आपकी कहानी को समझने और लागू करने के लिए actually बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मैंने कुछ चीजें आपसे आज सीखी हैं, अगर जीवन में कुछ हासिल करना हो तो सकारात्मक सोचना, सक्रिय होना, निर्णय लेना और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम उठाना बहुत ज़रूरी है और इसके लिए खुद पर एक भरोसा होना भी बहुत ज़रूरी है। सो अब हमारे श्रोताओं को और कुछ सुझाव देना चाहते हैं।
Anushka: मेरा यही message रहेगा कि आप confident रहें, accept करें अपनी problems को, disclose करने के लिए आप afraid न हों वो सबसे ज्यादा important है and services जो भी आपको services available हैं। उनको avail करें। contact करें देखिए कि आपको क्या क्या services के लिए आप eligible हैं?
Malavika: सही बात और एकदम महत्वपूर्ण बात आपने बोली है। यदि आपको हमारा recording पसंद आया हो तो कृप्या हमारी वेबसाइट speakmylanguage.com.au पर जाएं। जहां आपको और जानकारी मिलेगी और कृपया Speak My Language के बारे में दूसरों को भी बताएं। हमें Facebook, Twitter, Instagram या LinkedIn पर भी देखिए और पूरे Australia में और शायद दुनिया भर में भी इस बातचीत को जारी रखने में हमारी मदद करें। Ethnic Communities Council Victoria को Speak My Language कार्यक्रम Victoria में वितरित करने पर गर्व है Speak My Language कार्यक्रम को Department of Social Services द्वारा वित्तपोषित किया जाता है और Australia के आसपास के सभी states और territories के Ethnic and Multicultural Communities Councils और अन्य Multicultural Councils के बीच साझेदारी के माध्यम से पूरे Australia में वितरित किया जाता है। हमारे राष्ट्रीय प्रसारण भागीदार SBS और NEMBC हैं।
 

Interview by
Malavika Kadwadkar

मालविका कड़वाडकर पेशे से एक शिक्षिका, पोषण विशेषज्ञ, काउंसलर और बिजनेस एनालिस्ट हैं। वह मुंबई, भारत से है और मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में धाराप्रवाह है। मालविका सांस्कृतिक और भाषाई रूप से विविध... Go to page where you can read more about Malavika Kadwadkar