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यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसे अपने पहले बच्चे के साथ गर्भवती होने पर अपक्षयी आंख की स्थिति का पता चला था और अब वह दृष्टिहीन है। एक पूर्व पैथोलॉजी कार्यकर्ता के रूप में, जो बहुत स्वतंत्र हुआ करती थी, पहले तो उसे इस स्थिति को स्वीकार करना कठिन लगा।
 

उन चीजों में से एक जिसने उन्हें धीरे-धीरे आत्मविश्वास हासिल करने और अच्छी तरह से जीने में मदद की, वह थी रोजगार के नए अवसर की उनकी यात्रा। उसने बिजनेस में सर्टिफिकेट I और 16-सप्ताह का वर्क प्लेसमेंट पूरा किया। वह समर्थन कार्यकर्ताओं सहित नए लोगों से भी मिली है और उनसे नई चीजें सीखी हैं, जिससे उसे अपनी स्वतंत्रता हासिल करने में भी मदद मिलती है क्योंकि उसे अब हर समय अपने पति पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।

About the storyteller

पायल ने शिक्षा और आत्म-साक्षात्कार की अपनी कहानी साझा की। वह नेत्रहीन होने के बाद नया रोजगार खोजने की दिशा में अपनी यात्रा पर चर्चा करती है। वह उन समर्थनों को भी साझा करती हैं जिन्होंने इस यात्रा में उनकी मदद की और उन्हें अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना जारी रखा।

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Silky: नमस्ते और Speak My Language कार्यक्रम में आपका स्वागत है। जहां सांस्कृतिक रूप से विभिन्न समुदायों के लोग विकलांगता के साथ अच्छी तरह से जीने के बारे में बात करते हैं। मेरा नाम सिल्की कनोजा है और मैं Multicultural Communities Council of South Australia के साथ काम करती हूँ। हमारे Interviews में हम सांस्कृतिक रूप से विविध समुदायों के अक्षम लोगों से सीखते हैं कि वे व्यक्तिगत कौशल और सामुदायिक संसाधनों का उपयोग कैसे अच्छी तरह से जीने के लिए करते हैं, चाहे वे कहीं भी हों। हम अक्षम लोगों और अन्य लोगों से वास्तविक कहानियां सुझाव और विचार साझा करते हैं, जो हमें सुलभ स्थानों गतिविधियों और अवसरों के बारे में भी बताते हैं। आज हमारी अतिथि पायल हैं जो हमारे साथ अपनी शिक्षा और आत्म साक्षात्कार की कहानी साझा करेंगी। एक रोग विज्ञानी यानी pathologist के रूप में अपनी job खो देने के बाद एक नए रोजगार के अवसर में उनकी यात्रा आज वह हमारे साथ साझा करेंगी। पायल हमें उन सब समर्थनों के बारे में भी बताएंगी जिन्होंने उसे इस यात्रा में मदद की है। पायल आपका स्वागत है और आज यहां आने के लिए धन्यवाद। पायल जैसा आपने मुझे बताया कि जब आप अपने पहले बच्चे के साथ गर्भवती थीं तब आपको अपक्षयी आँख यानी degenerative eye की condition और स्थिति का पता चला और अब आप दृष्टिहीन हैं। पायल क्या आप हमें अपने दैनिक जीवन के किसी साधारण दिन के बारे में बता सकते हैं।
Payal: हाँ जरूर। वैसे तो मेरी जिंदगी का हर दिन ऐसा कोई साधारण नहीं होता। मेरा हर दिन एक challenge जैसा है। कुछ ना कुछ challenge रहता है मेरी जिंदगी में। ठीक है, पर मैं प्रयत्न करती हूँ इतना करती हूँ कि मैं उसको साधारण बना सकूं मेरी इस अक्षमता के साथ। तो मेरा हर दिन जैसे शुरू होता है मैं अपनी बेटी का सब, वह स्कूल जाती है। हाई स्कूल में तो मैं सुबह पांच बजे उठ के उसका सब तैयारी करती हूँ। फिर घर का सब जो काम होता है वो करती हूँ अभी मैं घर से ही सब कर रही हूँ। कुछ काम नहीं करती। घर को ही संभाल रही हूँ, मेरे बच्चे का ध्यान रख रही हूँ। सब मेरी जो family है, उसका ध्यान रख रही हूँ तो family life के साथ कुछ ना कुछ चलता ही रहता है। तो वही है मेरी रोज की जिंदगी अभी तो।
Silky: पायल आपके दैनिक जीवन में technology की क्या भूमिका है या कोई भी संसाधन सहायक उपकरण जो आपके दैनिक जीवन में आपकी सहायता करते हैं?
Payal: मेरी रोज की जो जिंदगी है उसमें टैक्नोलॉजी का तो बहुत बहुत बड़ा हाथ है मेरी दृष्टि की वजह से। उसमें technology बहुत बहुत मुझे, जैसे रोज की जिंदगी में मुझे कुछ पढ़ना होता है। जैसे कि expiry date देखनी होती है। कुछ भी तो magnifier अभी जो market में कई तरह के magnifier है, उसमें से magnifier, फिर सबसे बड़ा मेरा जो है technology में जो मैं यूज़ करती हूँ every day वो है मेरा फोन, मेरा आई फोन उसमें भी बहुत सारी इतनी है। apps होती है, in built उनका जो setting है उसमें भी बहुत voice over है। फिर उसका in built magnifier है वो मुझे, every second मुझे वो जरूर पड़ता है तो मैं उसका बहुत use करती हूँ।
Silky: तो आपको जितने भी text message मिलते हैं वो आप पढ़ सकते हैं कि वो आप किसी और तरह से उसको उसकी जानकारी लेती हैं?
Payal: उसको मैं अगर जो normal, जो normal जैसे उसके जो text होते हैं तो वह मैं बिल्कुल नहीं पढ़ सकती तो उसमें क्या होता है कि settings है जो उसके text size है font size है, उसको मैं बढ़ा के पढ़ती हूँ। अगर मुझे उसमें भी दिक्कत होती है तो मैं voice over का use करती हूँ। उसमें भी है जो एक setting है उसको press करती हूँ तो वह खुद मोबाइल ही पड़ता है मेरे लिए ख़ुद मोबाइल ही पढ़ लेता है वो message
Silky: तो वो message मोबाइल आपके लिए किस भाषा में पड़ता है।
Payal: normal text तो मुझे सब इंग्लिश में ही आता है। अभी तो सब इंग्लिश में ही text होते हैं। ऐसा कुछ होता नहीं ठीक है? वो तो easily सब मोबाइल में ही in built होता है वो पढ़ लेता है मोबाइल। अगर कोई और जैसे हिंदी में हो या मेरी दूसरी Language गुजराती तो फिर वो magnifier जो सबसे बड़ा होता है वो करके मैं पढ़ लेती हूँ
Silky: पायल क्या आपने इन संसाधनों और उपकरणों का उपयोग करने के लिए कोई training लिया है?
Payal: हाँ, मैं यहां organization है। Australia wide Vision Australia, उसकी मैं client हूँ। तो Vision Australia में बहुत ऐसे कई कई program होते हैं और उसमें फिर वो technology adaptive technology specialist होते हैं। वो उन लोगों से मैंने सब जान जान के उन उनसे training लेकर मैंने कई सारी चीजें जो अभी मैं सीख भी रही हूँ। कई चीज़ मैंने सीख भी ली है तो वो मैं everyday मेरी जिंदगी में उसको कर रही हूँ को जो मेरी अक्षमता को क्षमता में बदल रहा है।
Silky: ये जो आपको दृष्टिहीन होने के बाद जो आपके vision है वह बहुत धीरे धीरे जाती रही और अब आप बहुत हद तक नहीं देख पाती तो यह सब होने के बाद आपने कोई पढ़ाई की? क्योंकि आपका जो job था वो आप नहीं कर पा रहीं पिछले कुछ सालों से।
Payal: 2016 से फिर start किया कि मैं अब क्या करूं मैं Vision Australia की member थी। तो वहां पर वो disability employment service होता है। वो program government का उसमें आप register होकर फिर start कर सकते हैं। employment ढूंढ सकते हो, वो लोग vision Australia उसमें बहुत help करता है आपके लिए, आपको job में ढूंढने के लिए फिर आपको सही तरह से आपके skill development में बहुत help करता है तो उस तरह से मैंने start किया। फिर धीरे धीरे मुझे सब पता चला और Vision Australia में ही वो जो लोग vision और जो blind होते हैं उनके लिए government, skill development और pre employment, long term का जो employment, उसमें वो program था, उसमें मैंने interview दिया था last year, तो उसमें I was मेरा success मैं उसमें सफल हो गई। तो उसमें मुझे पढ़ाई के साथ काम, ऐसा मुझे मौका मिला तो मैंने वो किया। पिछले साल जून से लेकर दिसंबर तक।
Silky: आपको Certificate I of Business में नामांकन करने के लिए किस बात ने प्रोत्साहित किया है?
Payal: कैसे मुझे मिला कि शुरुआत में, मैं थोड़ा ऐसा कि मैं क्या करूं? मैं कैसे deal करूं? ये मेरी जो है अक्षमता कि मुझे दिखाई नहीं दे रहा। मैं कुछ पढ़ नहीं रही। मुझे सभी जगह पे दिक्कत हो रही है तो मैंने सोचा कि नहीं ऐसे तो नहीं चलेगा। कुछ तो मैं करना चाहूंगी जो मुझे खुद पर यकीन दिलाए। confidence, मेरी क्षमता है उसको मैं बाहर निकालूँ। फिर से तो मैंने यह start किया disability employment, जो employment consultant है उसके साथ every हर 15 दिन में मेरी मीटिंग होती थी। फिर उन लोगों का job club फिर सब workshop होते थे और also उसके साथ मैंने एक support group भी जिसमें मैंने, बहुत मुझे पता चला कि अरे देखो मुझसे भी कई लोग हैं जिनको कुछ दिखाई भी नहीं देता। जिनकी ज्यादा तकलीफ है मेरे से भी ज्यादा है। फिर भी वो अपने आप से किसी की सहायता के बिना वो सब घूम रहे हैं। सब technology का इस्तेमाल करके independent ऐसे जी रहे हैं। तो फिर वो मुझे बहुत, उससे मुझे बहुत ऐसे प्रोत्साहन मिला।
Silky: पायल, क्या आप एक छात्र के रूप में अपनी यात्रा साझा करना चाहेंगी?
Payal: हाँ जरूर क्योंकि उसी से, मैंने जो business Certificate I of Business किया, उसने मुझे बहुत सारे मेरे skill development हुए, वहां से मुझे बहुत सारा मुझे ज्ञान मिला, skill development मिला कि कौन से software हैं, कौन सी technology ही है, जिससे बिना आँखों के भी वो software होते हैं, वह सुन के अपने कानों का इस्तेमाल करके वो जैसे हम आँखों के साथ भी करते नहीं, उससे भी ज्यादा तेजी से वह लोग काम करते हैं। तो मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैंने नया, ऐसे पूरा, पहले मैं pathology में काम करती थी ये जो Certificate I मैंने किया उसमें बिल्कुल अलग ही, admin का था, सब कंप्यूटर का basic skill, कंप्यूटर की तो मुझे बहुत उसमें मजा आया। मैंने, जैसे अलग लोगों से मेरा मिलना हुआ, अलग अलग वो क्या बोलते हैं उसको कि different environment वो work place का कैसा है, वो मुझे बहुत मजा आया उन लोगों के साथ काम करने का।
Silky: आपका पहला दिन एक छात्र के रूप में कैसा था? आपको डर लग रहा था, या आप खुश थी?
Payal: पहला दिन मेरा वो डर तो नहीं लग रहा था पर थोड़ा अलग, थोड़ी झिझक थी कि भई मैं कर पाऊंगी कि नहीं कर पाऊंगी। कैसे करूंगी। क्योंकि पूरा full time काम और study था तो थोड़ा था कि इतने साल के बाद मैं वापस full time जा रही हूँ। सोमवार से शुक्रवार सुबह आठ से 04:00 बजे तक तो थोड़ा वह मुझे था कि मुझे अपने आप पर थोड़ा doubt जैसे था पर पहले दिन जो मुझे वहां मिला, जो सहकार मिला और सभी जो लोग थे वहाँ बहुत ऐसे एक दूसरे को समझने वाले थे क्योंकि सभी लोग वैसे थे। सभी का दृष्टि कम था और सभी को शारीरिक अक्षमता थी तो सभी एक ही नाव पर थे तो सब एक दूसरे को अच्छी तरह से समझते थे विभिन्न, बोले ना कि एक घंटे में पता चला कि कोई किसी को नहीं जानता सब इतना अच्छी तरह घुल मिल गए जैसे पूरा परिवार हो पहले से बरसों से एक दूसरे को जान रहे हों।
Silky: आप की पढ़ाई और समुदाय की भागीदारी, जैसे कि community inclusion है आपने बोला आपके बहुत सारे दोस्त बने वहाँ पे और आपकी पढ़ाई में भी सहायता के लिए आपने किस प्रकार के समर्थन या सेवाओं का उपयोग किया।
Payal: पढ़ाई के दौरान, मुझे बहुत ऐसा क्योंकि वहां government फंड की वजह से बहुत ऐसे जैसे software है उसका नाम है Fusion तो वो software क्या होता है, जिन लोगों को ना जैसे मेरे मेरा है, कम दृष्टि तो वो software Fusion बोलते हैं उसको, तो वो Fusion कैसे, reader plus magnifier, तो वो अपने लिए पढ़ता भी है और वो बड़ा भी, जो text होता है उसको बड़ा भी दिखाता है। तो वो मुझे मिला। उसका मुझे बहुत अच्छी तरह से ज्ञान मिला। उसका मुझे, every day जैसे रोज़ मुझे उसका कैसे इस्तेमाल करना है, वो मुझे पता चला। फिर, क्योंकि मेरी जो boundary है, उसके हिसाब से मुझे बड़ा screen चाहिए था उन लोगों ने वो मुझे दिया, फिर lighting क्योंकि मेरी आँखों को बहुत ज्यादा lighting effect करती है बहुत कम lighting वो भी effect करती है, ग्लेर effect करता है तो उसके हिसाब से सब जो भी थी मेरी ज़रूरतें, वो सब मुझे वहां से मिल रही थीं। तो कभी मुझे ऐसा नहीं लगा वो छह महीने के दौरान कि मुझे कोई है अक्षमता और जिसकी वजह से मेरी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
Silky: पायल, ये जो आपने आपकी पढ़ाई के समय और आपने अभी हमें बताया कि Fusion software आपने इस्तेमाल किया। आपने और कौन कौन सी सेवाएं इस्तेमाल की जो आपको और आपने रिश्ते भी बनाए हैं, ये सब चीजें आपको किस तरह से अच्छे से जीने में मदद करते हैं?
Payal: मेरी जिंदगी में वो बहुत उसका, वो बोलते हैं ना कि उसका बहुत असर हुआ है। क्योंकि मेरे साथ जो बाकी के पांच थे, जो पढ़ रहे थे मेरे साथ और जो हमें पढ़ा रहा था उनकी क्षमताएं मेरे से बहुत कम थीं। जैसे अगर देखने जाएं तो और फिर भी वो कई आगे थे, जैसे कि एक जो बंदा था, उसको तो कुछ भी नहीं दिखाई देता था। उसने पूरा अपना दृष्टि गुमा दिया था और फिर भी जिस speed से वह सुन के और instructions follow करके जो typing की उसकी speed थी वो मैंने कहा देखो, मैं तो फिर भी मुझे कुछ भी दिखाई दे रहा है अभी पर फिर भी मैं उससे, उसकी जो तेज़ी थी, उससे मैं compare नहीं कर सकती थी। फिर जो मेरा जो, हमारे जो थे जो हमको सिखा रहे थे, जो हमारे गुरु थे वहां तो उसके भी और कई disability थी कि उनके दोनों पैर भी काम नहीं कर रहे थे। उनको stick से साथ चलते थे, ऐसे stick के साथ चलना पड़ता था। बहुत ध्यान रखते और उनकी भी दृष्टि बहुत कम थी पर जिस तरह से वो सिखाते थे, जिस तरह से वो प्रोत्साहित जिस तरह से वो समझाते थे बहुत बहुत ऐसे पूरा दिमाग में बैठ जाता था।
Silky: पायल कोर्स जो आपने किया है Certificate I Business का, इसको को सफलतापूर्वक पूरा करने से आपके आत्मविश्वास को बढाने में मदद मिली है। आप की आगे क्या योजनाएं हैं?
Payal: आगे मेरी यही है कि इस technology जो मैंने सीखा है, उसके साथ मैं कोई मेरे जो मैंने सीखा उसके हिसाब से मैं full time तो नहीं पर part time job भी करूँ। घर भी सम्भालू मेरे बच्ची का जो है पढ़ाई उसमें भी मैं पूरा योगदान करूँ। घर और मैं बाहर दोनों को balance कर सकूं। दोनों life को मुझे संतुलित रखना है। तो अभी मैं, वही वो Certificate I का मुझे हो गया experience वो admin job कैसे करते हैं वो experience मेरा अच्छी तरह तो उसमें मुझे, मैं ढूंढ ही रही हूँ कि मेरे हिसाब से जो मुझे part time कुछ job उसमें मिल जाए तो मैं definitely करूँगी उसमें।
Silky: पायल, जो आपका सफर रहा है pathologist की job के बाद, इस certificate का और जो भी इस बीच हुआ है मुझे बताएं कि आपने अपने आप में क्या खोजा है और कैसे ये ताकत जो आपने खोजी अपने आप में, आपके लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी सहायता करेंगे।
Payal: मैंने पिछले कई साल से वो महसूस किया था कि जो मेरा आत्मविश्वास है, वो दिन ब दिन मेरा कम हो रहा था। तो मुझे लगा कि नहीं वो मेरा कम नहीं होना चाहिए। मेरा आत्मविश्वास ही मेरी ताकत है। तो अगर वो कम हो जाएगा तो मुझे लगा कि उस का जो असर था वो मेरे परिवार, खास करके मेरी बेटी पर हो रहा था और मुझे उसका, वो बोलते हैं ना कि उसके दिमाग में यह होना चाहिए कि नहीं, मेरी मां है जो इस अक्षमता के साथ भी इतने आत्मविश्वास से कर रही है। तो मुझे वो उसमें मेरी बेटी मैं रखना है कि नहीं, कुछ भी असंभव नहीं है। क्षमता अक्षमता कुछ नहीं है। अपना दिमाग अपना आत्मविश्वास वो बहुत बड़ी ताकत है। तो दिन ब दिन मैंने वही सोचा कि नहीं मेरा आत्मविश्वास मुझे वापस चाहिए, मुझे वापस चाहिए, मैं कर सकती हूँ। अगर, जिसकी आँखें पूरी चली गई हैं वो वो लोग कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं कर सकती? मैं भी कर सकती हूँ। मैं करूंगी तो मैंने वो ही सोच सोच सोचकर फिर दिन ब दिन मेरा आत्मविश्वास बढ़ने लगा और फिर मेरा वापस आ रहा है अभी।
Silky: आप हमारे श्रोताओं के साथ क्या संदेश साझा करना चाहेंगी जिससे उन्हें स्वतंत्रता और अपने आत्म विश्वास को बनाए रखने में मदद मिल सके?
Payal: मैं सभी को यही बोलूंगी कि अपना आत्मविश्वास कभी कम ना करें और अपनी जो अक्षमता है उसको, उसको छुपाए नहीं। पर सभी जो सबसे बात करें क्योंकि बात करने से ही हमको पता चलता है कि हमारे आसपास इतने कई सारी technology इतनी कई सारी organization है जो हर कोई अक्षमता के हिसाब से हमको हर प्रकार से हमको सहकार देने के लिए तैयार है। तो जब भी है तो बात करें और इन बारे में जानें और उसका अपने जिंदगी में इस्तेमाल करें और आत्मविश्वास हमेशा बनाए रखें। अपने पर हमेशा भरोसा रखें
Silky: बिल्कुल सही। छुपाएं नहीं बात करें।
Payal: हाँ छुपाएं नहीं बात करें बात करने से ही हमको हल मिलता है।
Silky: अब हम आज अपने interview के अंत में आ गए हैं। धन्यवाद पायल आज यहां उपस्थित होने के लिए और आपकी कहानी साझा करने के लिए पायल आपके साहस और कभी हार न मानने की कहानी अपने आप पर उस शिक्षा पर विश्वास और समुदाय में उपलब्ध समर्थन के सही उपयोग से आपके आत्मविश्वास को बढ़ने और बढ़ाने में कैसे मदद मिली है। मेरे लिए मैंने एक बात सीखी है, जहां चाह वहां राह और आपने अभी वो बोला भी है, कभी छुपाएं नहीं, बात करें। बात करने से ही हल मिलता है।
Payal: सही बात है।
Silky: सो जाने से पहले आप हमारे श्रोताओं को कुछ महत्वपूर्ण संदेश देना चाहेंगी?
Payal: मेरा संदेश यही है कि आज की जो जिंदगी है उसमें technology इतनी बढ़िया है। उसका आप अपने जिंदगी में, जहां आप अक्षम हैं, आपकी क्षमता नहीं है, वहां उसका use करें और आप यहां Australia में बहुत इतना support मिलता है। government भी disability को बहुत support करती है, तो आप जहां भी आपको support चाहिए, आप बिना हिचकिचाहट के माँग लीजिए। कोई ना कोई है आपके लिए जो हमेशा आपको वहां खड़ा होकर वहाँ आपको सहकार देगा।
Silky: धन्यवाद। व्यक्तिगत रूप से मैंने सीखा है कि कैसे समुदाय में उपलब्ध समर्थन और संसाधनों का उपयोग और स्वयं में विश्वास, हमें अच्छी तरह से जीने में मदद करता है। आज बात करने के लिए समय निकालने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद पायल।
Payal: नहीं, मैं भी बहुत खुश हूँ कि मैं community में यह बात कर रही हूँ कि जैसे सबको ये पता चले कि नहीं, सब समान हैं और जो विकलांग लोग हैं वो भी सब कुछ कर सकते हैं।
Silky: यदि आपने हमारी recording का आनंद लिया है तो कृप्या हमारी वेबसाइट speakmylanguage.com.au पर जाएं। जहां आपको और जानकारी भी मिलेगी और कृप्या Speak My Language के बारे में दूसरों को भी बताएं। आप हमें Facebook, Twitter, Instagram या LinkedIn पर भी देखें और पूरे Australia में और शायद दुनिया भर में भी इस बातचीत को जारी रखने में हमारी मदद करें। Multicultural Communities Council of South Australia को Speak My Language कार्यक्रम South Australia में पहुंचाने पर गर्व है। Speak My Language program को department of social services द्वारा फंड किया गया है और Australia के आसपास के सभी states और territories के Ethnic तथा Multicultural Communities Council और Multicultural Council के बीच साझेदारी के माध्यम से पूरे Australia में वितरित किया जा रहा है। हमारे राष्ट्रीय प्रसारण भागीदार SBS और NEMBC हैं।
 

Interview by
Silky Khanuja